कश्मीर में सरकार बनाने की तैयारी शुरू? कैसे BJP मिशन को दे रही अंजाम?

नई दिल्ली। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के लिए एग्जिट पोल के अनुमानों में नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन भले ही आगे दिख रहा हो, लेकिन बीजेपी ने अभी से सरकार गठन के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए पार्टी संभावित विधायकों से अभी से संपर्क साधने में जुट चुकी है।

इंडिया टुडे टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने के बाद बीजेपी ने निर्दलियों और क्षेत्रीय दलों से समर्थन लेने के लिए चर्चा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि बीजेपी ने कुछ निर्दलियों को चुनावों के दौरान परोक्ष तौर पर काफी सहायता की है।

जम्मू और कश्मीर में हम सरकार बनाएंगे- बीजेपी नेता

शनिवार (5 अक्टूबर, 2024) को जम्मू और कश्मीर के लिए आए एग्जिट पोल के अनुमानों के बाद पार्टी महासचिव और जम्मू और कश्मीर के प्रभारी तरुण चुग ने पार्टी की संभावनाओं को लेकर पूरा भरोसा जाहिर किया है। उन्होंने कहा, ‘एग्जिट पोल ने बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने की संभावना जताई है, असली चुनाव परिणामों में यह अनुमान भी आगे निकल जाएंगे। जम्मू और कश्मीर में हम सरकार बनाएंगे।’

चुनावों में समर्थन के बदले, सरकार बनाने में सपोर्ट की बारी?

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बीजेपी ने कई निर्दलीय उम्मीदवारों और जम्मू कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं के साथ बातचीत शुरू भी कर दी है, जिनके चुनाव में विजयी रहने की संभावना है। इनमें से वे उम्मीदवार भी शामिल हैं, जिनके बारे में अटकलें हैं की चुनावों के दौरान उन्हें भाजपा का पूरा समर्थन मिला है।

बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनते ही हो जाएगा खेला?

माना जा रहा है कि अगर केंद्र शासित प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनने का भाजपा का सपना सफल हुआ तो यह पार्टी की तय रणनीति के हिसाब से ही होगा। इसी वजह से पार्टी इस चुनाव में सीटें बढ़ने के बावजूद मात्र 62 पर ही चुनाव लड़ रही है, जबकि 2014 में 75 उम्मीदवार उतारे थे।

बीजेपी के कुछ प्रवक्ताओं ने टीवी चैनलों में बहस के दौरान संकेत भी दिए हैं कि अगर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो यह निर्दलियों और छोटे दलों के विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

बीजेपी को खासकर जम्मू की 43 सीटों में काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद दिख रही है, हालांकि एग्जिट पोल के अनुमानों में वह इस क्षेत्र में आगे तो जरूर है, लेकिन यह प्रदर्शन पार्टी के लक्ष्य के मुताबिक नजर नहीं आ रहा है।

कांग्रेस के संभावित बागी उम्मीदवारों पर भी नजर?

पार्टी के कुछ नेता अंदरखाने इस बात को स्वीकार भी करते हैं कि टिकट बांटने में हुई कुछ गड़बड़ियों की वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो कथित तौर पर बीजेपी की कांग्रेस के कुछ संभावित उम्मीदवारों पर भी नजर हो सकती है। इनके अलावा कांग्रेस के उन बागी उम्मीदवारों से भी भाजपा नेताओं के संपर्क करने की जानकारी मिल रही है, जिनके जीतने की संभावना है।

बीजेपी का अंतिम अस्त्र 5 मनोनीत एमएलए होंगे?

इनके अलावा भाजपा की एक रणनीति 5 संभावित मनोनीत विधायक भी हो सकते हैं। इन्हें उपराज्यपाल मनोनीत करेंगे और उन्हें भी निर्वाचित सदस्यों की तरह ही वोटिंग का अधिकार प्राप्त होगा। ऐसा होने से सदन में सीटों की कुल संख्या 95 हो जाएगी और सरकार बनाने के लिए कम से कम 48 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता रहेगी।

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