नामांकन के दौरान नेता जी इन बातों का रखें खास ख्याल, वरना बढ़ेंगी मुश्किलें

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। वहीं नामांकन को लेकर भी कई तरह के गाइडलाइंस जारी किए गए हैं। नामांकन के लिए नेता अपने समर्थकों के साथ एक बड़े जुलूस के साथ पहुंचते हैं। और नामांकन दाखिल करते समय जिला निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में भी भीड़ बढ़ जाती है। अब मुंबई पुलिस ने विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के वास्ते निर्वाचन अधिकारी (आरओ) के कार्यालय में प्रवेश करने वाले लोगों की संख्या पांच तक सीमित कर दी है।

एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत मंगलवार को जारी निषेधाज्ञा आदेश के अनुसार, आरओ कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रत्याशी के केवल तीन वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। आदेश में कहा गया है कि पुलिस ने नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान नारेबाजी, रैली, जुलूस, गीतों और संगीत वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल के जरिए राजनीतिक प्रचार पर भी रोक लगा दी है।

अधिकारी ने बताया कि अगर अलग-अलग राजनीतिक दलों के दो प्रत्याशी एक ही वक्त में नामांकन पत्र जमा कराने आते हैं तो कोई भी एक-दूसरे के खिलाफ उकसावे वाली कार्रवाई नहीं करेगा। यह निषेधाज्ञा आदेश मुंबई जिले और उपनगरों में चार नवंबर तक लागू रहेगी। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म होगा।

मुंबई के कोलाबा में मतदान बढ़ाने के लिए पहल

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने की अपील करने के लिए प्राधिकारी मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में नागरिक समाज के सदस्यों तथा आवासीय सोसायटी के प्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने पिछले सप्ताह शहरी मतदाताओं की उदासीनता के कारण मतदान प्रतिशत पर पड़ रहे असर पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। राज्य में 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई के कोलाबा इलाके में बहुत कम, करीब 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

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