चंद्रमा की स्टडी के लिए ISRO भेजेगा 250 KG का रोवर, सरकार से मिली मंजूरी

नई दिल्ली। भारत सरकार ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दे दी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी नारायणन ने खुद इस बात का ऐलान किया है। बेंगलुरु में स्थित ISRO मुख्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वी नारायणन ने कहा,’चंद्रयान-5 मिशन में 250 किलोग्राम का रोवर शामिल होगा, जो चंद्रमा की सतह का अध्ययन करेगा।’

ISRO चीफ ने कहा कि तीन दिन पहले ही चंद्रयान-5 मिशन के लिए स्वीकृति मिली है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इस मिशन में जापान भी भारत के साथ मिलकर काम करेगा। मिशन में जो 250 किलोग्राम का एडवांस रोवर शामिल होगा, वह चंद्रमा की सतह और सरंचना का विस्तृत अध्ययन करेगा।

2027 तक चंद्रयान-4 लॉन्च करने की तैयारी

बता दें कि इससे पहले भारत ने 2008 में चंद्रयान-1 और 2019 में चंद्रयान-2 मिशन भेजे थे। 2023 में चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। भारत 2028 में अपना पहला मानव अंतरिक्ष मिशन, गगनयान भी लॉन्च करने की योजना बना रहा है। भारत 2027 तक चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसका लक्ष्य चंद्रमा से मिट्टी और पत्थर के नमूने धरती पर लाना है।

चंद्रयान-2 अब भी भेज रहा है तस्वीरें

चंद्रयान-1 भारत का पहला चंद्र मिशन था। यह 2008 में लॉन्च किया गया था। इसने चंद्रमा से रासायनिक, खनिज और फोटो-भूगर्भिक डेटा इकट्ठा किया। चंद्रयान-2 मिशन 2019 में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह और खनिज संरचना का अध्ययन करना था। इसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर शामिल थे। ये चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने के लिए थे। हालांकि, मिशन के अंतिम चरण में कुछ दिक्कतें आईं। फिर भी, चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी चंद्रमा की हाई-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेज रहा है।

पिछले साल मिली 2 मिशनों को मंजूरी

चंद्रयान-3 मिशन में विक्रम नाम का लैंडर था। इसने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंडिंग की थी। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि थी। पिछले साल भारत सरकार ने दो अहम अंतरिक्ष मिशनों को मंजूरी दी। इनमें चंद्रयान-4 भी शामिल है।

चंद्रमा से नमूने वापस लाने की तैयारी

चंद्रयान-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा से नमूने इकट्ठा करना और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाना है। इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के बारे में और ज्यादा जानकारी मिलेगी। फरवरी में देश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि भारत 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा, ताकि चंद्रमा की चट्टानों के नमूने पृथ्वी पर वापस लाए जा सकें।’

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