इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फ्री में लाइव क्रिकेट प्रसारण पर भड़के केबल टीवी ऑपरेटर्स, TRAI से की शिकायत

नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका के बीच हो रहे ओडीआई और टी20 सीरीज का प्रसारण ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो टीवी पर किया जा रहा है, जिसे लेकर अब ऑल लोकल केबल ऑपरेटर एसोसिएशन दिल्ली (ALCOA INDIA) ने ट्राई को एक पत्र लिख अपनी नाराजगी जाहिर की है. केबल ऑपरेटर संगठन ने ओटीटी पर क्रिकेट के प्रसारण को गैर-कानूनी बताते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बागड़ी की तरफ से ट्राई (TRAI) के चेयरमैन को एक पत्र लिखा गया, जिसमें केबल ऑपरेटर्स की समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया गया है.

एसोसिएशन ने ट्राई को लिखी चिट्ठी

एसोसिएशन का तर्क है कि इस प्रथा से भारतीय केबल टीवी उद्योग को काफी नुकसान हो रहा है, जिससे व्यवसाय और नौकरियां दोनों प्रभावित हो रही हैं. ALCO ने पत्र में लिखा, ‘हमारा मकसद आपके ध्यान में यह लाना है कि कैसे JIO TV अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लीनियर और लाइव कंटेंट (जिसे ट्राई द्वारा नियमित किया जाता है) की सर्विस दे रहा है और इसके कारण भारत के केबल टीवी उद्योग को व्यापार और नौकरियों के मामले में बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है.’ ALCOA इंडिया के अनुसार, भारत में टेलीविजन वाले घरों की संख्या 2018 में 197 मिलियन से बढ़कर 2020 में 210 मिलियन हो गई है. हालांकि, केबल टीवी सेवाओं का लाभ उठाने वाले परिवारों की हिस्सेदारी 2018 में 120 मिलियन से घटकर 2020 में 90 मिलियन हो गई है.

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट हैं गैर-कानूनी

एसोसिएशन इस गिरावट की वजह मार्केट में मौजूद JioTV जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों को बताया है. जो अपने प्लेटफॉर्म पर डेली सोप, फिल्मों से लेकर लाइव कंटेंट भी प्रदान करता है, जैसे भारत बनाम श्रीलंका टी 20 और वनडे सीरीज, जो पारंपरिक रूप से केबल और सैटेलाइट टीवी नियमों के दायरे में आती है. ALCOA इंडिया ने कहा कि उन्होंने पहले इस मुद्दे को ट्राई और सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के साथ उठाया था, लेकिन अधिकारियों ने जवाब दिया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म मौजूदा ढांचे के तहत विनियमित नहीं हैं. एसोसिएशन नए नियमों की वकालत कर रहा है जो ब्रॉडकास्टरों को ओटीटी प्लेटफार्मों पर रैखिक सामग्री प्रदान करने से रोक देगा, जिसके लिए केबल अधिनियम 1995 के तहत अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग अनुमति की आवश्यकता होती है. उनका तर्क है कि ये अनुमतियां विशेष रूप से MSOs, HITS, DTH और IPTV प्लेयर्स के माध्यम से वितरण के लिए दी गई हैं, और इन्हें JioTV और Disney+ Hotstar जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों तक विस्तारित करना अवैध और अनुचित प्रतिस्पर्धा दोनों है.

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