33000 शिक्षक भर्ती मांग पर शुरू हुई आर-पार की लड़ाई!

रायपुर। छत्तीसगढ़ डीएड बीएड संघ प्रशिक्षित कला संकाय संघ और छत्तीसगढ़ी भाषा पीजी डिप्लोमा धारी संघ के तत्वाधान में 33000 शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर कल पुनः एक बार महा आंदोलन किया गया। संघ ने डबल इंजन की साय सरकार को जुमलेबाजी की सरकार कहा तथा मोदी की गारंटी को गोदी गारंटी की सरकार के रूप में कहते हुए जमकर हमला बोला।

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छत्तीसगढ़ में मोदी की गोदी गारंटी और डबल इंजन की साय सरकार की सबसे बड़ी विफलता करार दिया। जो शिक्षा व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ा रहे है यहां तक कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अवमानना करना इससे बड़ा दुर्भाग्य छत्तीसगढ़ का और क्या हो सकता है, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नही करने वाला पहला राज्य बन गया है।

संघ ने कहा कि साय सरकार अपने को कोर्ट और संविधान से ऊपर समझते है। इस सरकार का काला करतूत और काला दिन झलकता है। यह साय सरकार की निर्दय और निर्मम प्रवृत्ति को उजागर करती है कि जहां पर अपने साथियों को जिस गांव में ठहरने की आश्रय दिया था वहा पर गांव के प्रतिनिधि के ऊपर पुलिस द्वारा दबाव डालकर 50000 हजार जुर्माना लगाया गया। कितने जुल्म सितम हमारे संघ के ऊपर काले बादल जैसे छाया रहा।  मोदी की गोदी वाली गारंटी और साय की गलत योजनाओं के चलते पूरा युवा शिकार हो गए है। ये फूट डालो और शासन करो की नीति को चरितार्थ कर रही है, इस तरह से हमारे आंदोलन को दमन करने का प्रयास जो किया है।

चुकि यह आंदोलन 21 सितंबर 2024 को एक विशाल रैली निकाला गया फिर 22 सितंबर 2024 को आमरण अनशन में हमारे दृढ़ संकल्प और जुझारू साथी लगातार बैठे हुए हैं। लेकिन साय सरकार के कानो में जूं तक भी नहीं रेंगी, फिर संघ के द्वारा निर्णय लिया गया कि 19 अक्टूबर 2024 को महा रैली निकालकर एनएच6 को चक्का जाम करेंगे। लेकिन बीच में ही पुलिस अमला के बैरिगेट लगाकर रोका।

संघ के प्रमुख आदरणीय दाऊद खान और प्रदेश सचिव ललित सर को पुलिस गिरफ्तार करने या फिर उठाने की बहुत कोशिश की लेकिन हमारे साथियों का जज्बा है कि हमारे पदाधिकारियों को घेर कर खड़े हो गए और सामूहिक गिरफ्तारी देने की बात कहने पर पुलिस प्रशासन पीछे हट गए। फिर रात भर साथियों ने वही पर कमर कसकर बैठे रहे।

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