अनुराग ठाकुर की दो टूक- दंगाइयों की दीदी बनकर रह गईं हैं ममता बनर्जी

नई दिल्ली। बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को ‘दंगाइयों की दीदी’ बताते हुए कहा कि कितनी पीड़ा होती होगी, जब मां, माटी मानुष का नारा देकर सत्ता में आने वालों ने बंगाल में हिन्दू परिवारों का जीना मुश्किल कर दिया है। हिन्दू माताओं की गोद सूनी कर दी, कईयों का सिंदूर उजड़ गया है। हिन्दू परिवार पलायन कर रहे हैं। ममता दंगाइयों की दीदी नजर आती है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो कहते थे कि बदला नहीं, बदलाव लाएंगे, आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर की धरती पर हर जगह बदलाव नहीं बदला दिख रहा है। बंगाल में बदलाव नहीं, बदले की आग ही दिखती है। बंगाल के लोग मन बना चुके हैं, जैसे ही समय मिलेगा तख्ता पलट होगा। बीजेपी के नेतृत्व में बंगाल में विकास होगा।

ममता दंगाइयों की दीदी बनकर रह गई हैं – अनुराग ठाकुर

बीजेपी सांसद ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की, जिसमें वो विफल रही हैं। वोटबैंक की राजनीति में हिन्दुओं का जीना मुश्किल हो गया है। दंगाइयों को संरक्षण मिल रहा है, पुलिस पर प्रहार करते हैं, पुलिस मूकदर्शक बनकर रहती है, अब ममता नहीं, दंगाइयों की दीदी बनकर रह गई हैं।

मुर्शिदाबाद हिंसा में 3 लोगों की मौत

मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ हुई दो दिनों तक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई। वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन ने उग्र रूप लिया और फिर हिंसा ने ऐसा तांडव मचाया कि बाप-बेटे की सरेआम हत्या कर दी गई। एक अन्य की बात में मौत हुई। अहम ये कि इस हिंसा में सिर्फ एक कानून का विरोध करने के नाम पर हिंदुओं की दुकानें लूट ली गईं। घरों को निशाना बनाया गया और लोगों को भी टारगेट किया गया।

सुवेंदु अधिकारी बोले- 400 हिंदुओं ने पलायन किया

बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी कहा कि धार्मिक कट्टरपंथियों के डर से मुर्शिदाबाद के धुलियान में 400 से अधिक हिंदू नदी पार करके मालदा के बैष्णबनगर के देवनापुर-सोवापुर जीपी के पार लालपुर हाई स्कूल में शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं। धुलियान से 400 से अधिक हिंदू परिवार डर के साए में अपना सब कुछ छोड़कर निकल चुके हैं। सुवेंदु अधिकारी अधिकारी ने कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनके कथित तौर पर हिंदू दूसरी तरह जाकर शरण ले रहे हैं।

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