ना फुल टाइम WFH, ना Office, नए साल में कंपनियों ने बनाई ये स्ट्रैटजी

चीन में कोरोना का बढ़ता प्रकोप खतरे की घंटी बजा रहा है. वहीं मंदी भी दरवाजे के बाहर खड़ी ही दिख रही है. ऐसे में ऑफिसेस में कामकाज प्रभावित ना हो, इसके लिए कंपनियों ने कमर कस ली है. फिर वो चाहें टाटा स्टील हो या फ्लिपकार्ट, मैरिको, एलएंडटी माइंडट्री, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप या कोई और. सभी कंपनियों ने 2023 के लिए अपनी स्ट्रैटजी बना ली है. हालांकि इस बार कोरोना को लेकर दुनिया और भारत सजग है और पहले से बेहतर तरीके से तैयार है.

अधिकतर कंपनियां 2023 में भी हाइब्रिड मॉडल पर कामकाज करने वाली हैं. यानी कि एम्प्लॉइज को ना तो पूरे टाइम वर्क फ्रॉम होम करना होगा, ना ही ऑफिस जाना होगा.

वर्क-लाइफ बैलेंस होगा बेहतर
कंपनियों का मानना है कि हाइब्रिड मॉडल से कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर बना रहता है. वहीं वह अपनी फ्लैक्सीबिलिटी के हिसाब से काम कर पाते हैं. इस मॉडल की खास बात ये है कि इससे एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों की जरूरतें पूरी होती हैं. कर्मचारियों को जहां परिवार के लिए वक्त चाहिए, वहीं टीम के साथ काम करने का भी अनुभव.

कंपनियां अधिक से अधिक लोगों को ऑफिस बुलाना चाहती हैं, पर मानती हैं कि दुनिया के कामकाज करने का तरीका बदल चुका है. इसलिए वह समझती हैं कि हाइब्रिड मॉडल में कर्मचारी ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं.

क्या कहते हैं कंपनियों से जुड़े एक्सपर्ट
वर्क कल्चर में आए इस बदलाव को लेकर फ्लिपकार्ट के चीफ पीपुल ऑफिसर कृष्णा राघवन का कहना है कि बीते कुछ महीनों से कंपनी कर्मचारी हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहे हैं. हम आगे भी इसे जारी रखेंगे, और अपनी अप्रोच को इस तरह रखेंगे जो कर्मचारियों और बाहरी फैक्टर्स दोनों की जरूरतें पूरी करें.

मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में जहां अधिकतर कर्मचारी ऑफिस या वर्क शॉप्स में वापस आ गए हैं. टाटा स्टील की योजना है कि वह लचीला कामकाजी मॉडल बनाए रखे. कंपनी के ब्लू कॉलर यानी शॉप फ्लोर पर काम करने वाले कर्मचारियों को जहां फैक्ट्री में आते रहना पड़ा, वहीं कंपनी ने अपने ऑफिशियल वर्क देखने वाली टीम को वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मोड पर काम करने का ऑप्शन दिया.

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