एस जयशंकर बोले- ‘भारत के लिए बड़ी समस्या है कनाडा’

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार की आलोचना की. उन्होंने संगठित अपराध से जुड़े लोगों के लिए कनाडा की ओर से वीजा जारी करने को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ‘अतिवाद, अलगाववाद और हिंसा के पैरोकारों को वैधता दे रहा है. उन्होंने कहा कि कनाडा इस समय भारत के लिए बड़ी समस्या है.

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, खालिस्तान आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में कथित रूप से शामिल तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तार पर भी जयशंकर ने प्रतिक्रिया दी. एस जयशंकर ने कहा कि जस्टिन ट्रूडो का देश सोचता है कि अपराधियों को बढ़ावा देने की उसकी हरकतों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी.

जयशंकर ने कनाड़ा को लगाई फटकार

जयशंकर ने कहा, ”कुछ देशों में इस तरह के लोगों ने खुद को राजनीतिक रूप से संगठित किया है और एक राजनीतिक लॉबी बन गए हैं. इनमें से कुछ लोकतांत्रिक देशों में, वहां के राजनेताओं को यह विश्वास दिलाया जाता है कि अगर वे इन लोगों लोगों का सम्मान करते हैं या इन लोगों का समर्थन करते हैं तो इन उनके पास एक समुदाय को अपना समर्थन देने की क्षमता है. इसलिए, उन्होंने इन देशों की राजनीति में खुद के लिए जगह बनाने की कोशिश की है. जयशंकर ने कहा कि मेरा मतलब है कि इस समय यह अमेरिका में कोई बड़ी समस्या नहीं है.”

भारत के लिए बड़ी समस्या है कनाडा- जयशंकर

केंद्रीय विदेश मंत्री ने कनाडा को भारत की सबसे बड़ी समस्या बताया. उन्होंने कहा, ”अभी हमारी सबसे बड़ी समस्या कनाडा है, क्योंकि कनाडा में आज जो सरकार है, वह उग्रवाद, अलगाववाद और हिंसा की वकालत करने वालों को आजादी के नाम पर एक निश्चित वैधता दे दी है. जब आप उन्हें कुछ कहते हैं तो उनका जवाब होता है, हम एक लोकतांत्रिक देश हैं, लेकिन यह अभिव्यक्ति की आजादी है. उन्होंने कहा कि वहां जो हो रहा है, उसका विरोध किया जाएगा. न्यूटन का राजनीति का नियम वहां भी लागू होगा.

कनाडा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

एस जयशंकर ने पंजाब में संगठित अपराधों से जुड़े क्रिमिनल को वीजा देने के लिए कनाडा सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि पंजाब के संगठित अपराध से जुड़े कई लोगों का कनाडा में स्वागत किया गया है. हमने कनाडा से कहा है कि ये भारत के वांछित अपराधी हैं, आपने उन्हें वीजा क्यों दिया है. एस जयशंकर ने बताया कि इनमें से कई लोग झूठे दस्तावेजों पर कनाडा जाते हैं, लेकिन उन्हें रहने की अनुमति दी जाती है.

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