भारत के डिफेंस सेक्‍टर में AI की एंट्री, मीलों आगे चल रहे चीन से रेस शुरू

नई दिल्‍ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले 75 डिफेंस प्रोडक्‍ट्स सोमवार को पेश करेंगे। भारत द्वारा मनाए जा रहे आजादी के 75 वर्ष के जश्न के तहत इन 75 उत्पादों को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए पहली बार ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन डिफेंस’ (AIDeF) संगोष्ठी और प्रदर्शनी में पेश किया जाएगा। रक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘सोमवार को हम एक कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें कृत्रिम मेधा द्वारा संचालित 75 उत्पाद, तकनीक और समाधान, जिनका रक्षा क्षेत्र में अनुप्रयोग है, पेश किए जाएंगे।’

सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक युद्ध के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, चाहे वह साजो-सामान हो या मानव व्यवहार। उन्होंने कहा कि 75 उत्पादों में से कुछ पहले से ही सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं, जबकि शेष तैनाती की प्रक्रिया में हैं।

AI में भारत से मीलों आगे है चीन
भारत के डिफेंस सेक्‍टर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभी शुरुआती चरण में हैं। भारत में अब डिफेंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काउंसिल (DAIC) है जिसका नेतृत्‍व रक्षा मंत्री करते हैं। सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि 2024 तक खासतौर से डिफेंस के लिए बनाए गए 25 उत्‍पाद विकसित किए जाएंगे। एक डिफेंस AI प्रोजेक्‍ट एजेंसी (DAIPA) भी बनाई गई है और AI प्रोजेक्‍ट्स के लिए 100 करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं। चीन इस मामले में मीलों आगे है। उसका लंबे समयसे ‘इन्‍फॉर्मेटाइज्‍ड’ और ‘इंटेलिजेंटिजाइज्‍ड’ वारफेयर पर फोकस रहा है।

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