वीजा कैंसल, बॉर्डर भी बंद…पाकिस्तान में फंस गई किसी की पत्नी, किसी का प्यार

नई दिल्ली पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार के एक फैसले से कई परिवारों के लोग पाकिस्तान में अटक गए। भारत सरकार ने पाकिस्तानियों के लिए वीजा रद्द कर दिया। लॉन्ग टर्म वीजा को भी कैंसल कर दिया और पाकिस्तान से आने वालों के लिए वाघा बॉर्डर भी बंद कर दिए। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नागपुर के कुछ लोग शादी के लिए पाकिस्तान गए थे, लेकिन वे वापस नहीं आ पा रहे हैं। कुछ लोग भारत लौटना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर बंद होने से उन्हें पाकिस्तान में ही रुकना पड़ा।

अटारी बॉर्डर बंद, पत्नी फंसी पाकिस्तान में

नागपुर के रवि कुकरेजा की पत्नी कमलीबाई भी पाकिस्तान में फंस गई। 30 साल की कमलीबाई एक शादी में शामिल होने पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी गई थी। जब उन्होंने सुना कि भारत ने वीजा रद्द कर दिया है, तो वह तुरंत वाघा बॉर्डर के लिए रवाना हो गईं। वह ट्रेन से 700 किलोमीटर का सफर करके अटारी पहुंची, लेकिन बॉर्डर बंद था। उन्हें वापस अपने गांव जाना पड़ा। कमलीबाई के पति रवि कुकरेजा ने बताया कि वाघा बॉर्डर पर 100 से ज्यादा परिवार भारत आना के लिए इंतजार कर रहे थे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि वे उन्हें जाने भी दें तो भी अटारी बॉर्डर बंद है। कमलीबाई अब शुक्रवार को फिर से वाघा बॉर्डर पर आने की कोशिश करेंगी।

ऑनलाइन निकाह हुआ मगर दुल्हन कैसे आएगी

सिर्फ कमलीबाई ही नहीं, 36 साल की समीना नकवी और उसकी बहन अंदालेब के लिए आफत आ गई है। पाकिस्तानी नागरिक समीना की शादी नागपुर के भालदारपुरा इलाके में रहने वाले काशिफ नकवी से हुई है। समीना की बहन अंदालेब ने ऑनलाइन निकाह किया था। अंदालेब के पति जौनपुर में रहते हैं। समीना को चिंता है कि उसकी बहन अपने पति से कब मिल पाएगी। समीना ने कहा अंदालेब की वीजा की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। कागजात इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि हम शिया भारत में ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। मेरी ननदें भी भारत में बसना चाहती हैं।

सिंध के हिंदुओं पर ज्यादा है फैसले का असर

नागपुर पुलिस के विदेशी पंजीकरण ऑफिस में वीजा के लिए लोग पूछताछ कर रहे हैं। कुछ पाकिस्तानी भारत आए थे और अब वे जल्द से जल्द पाकिस्तान वापस जाना चाहते हैं। रिपोर्टस के अनुसार, सिंध प्रांत में रहने वाले हिंदू सरकार के बॉर्डर बंद करने के फैसले से प्रभावित हुए हैं। सिंधी हिंदू विजिट वीजा पर भारत आते हैं, फिर वे लॉन्ग-टर्म वीजा (LTV) के लिए अप्लाई करते हैं। बाद में, भारतीय नागरिकता के लिए अप्लाई करते हैं। कई लोग रोजगार तो कई पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आते हैं। यहां रहने के बाद वह सिर्फ नो-ऑब्जेक्शन रिटर्न टू इंडिया वीजा के लिए पाकिस्तान जाते हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के ज्यादातर आवेदक सिंध प्रांत के हिंदू हैं। कई लोग अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भारत में बसना पसंद करते हैं।

एग्जाम देने गई बेटी, अब लौटना मुश्किल

नए आदेश के बाद 15 साल की लड़की भी परिवार से दूर पाकिस्तान के सिंध में फंस गई है। उसका परिवार आठ महीने पहले भारत आया था। वह 10वीं का एग्जाम देने नो-ऑब्जेक्शन रिटर्न टू इंडिया वीजा पर पाकिस्तान गई थी। उसके चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी को भारत के स्कूल में एडमिशन नहीं मिल पाया था। वह पाकिस्तान में ही पढ़ाई कर रही थी ताकि उसका साल बर्बाद न हो। उसे अपनी बोर्ड परीक्षा देनी थी, लेकिन अब वह सिंध में फंसी हुई है।

मई में होनी है शादी, दुल्हन का वीजा कैंसल

इन्केश जसनानी नागपुर के जरीपटका में रहते हैं। उनकी सगाई सिंघ के खानपुर शहर में रहने वाले आरती लूंड से हुई है। उनकी शादी मई में होने वाली है। इन्केश की बहनें शादी की तैयारियों को देखने के लिए पाकिस्तान गई हैं। अब इन्केश को चिंता है कि वह शादी के बाद अपनी पत्नी को वापस ला पाएगा या नहीं। सिंध-हिंद पंचायत के राजेश झांबिया ने कहा कि वे सरकार के पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के फैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा,पहलगाम हमले ऐसे जघन्य अपराधों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुनाहगारों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए। पंचायत चाहती है कि सरकार उन लोगों के लिए नियमों में ढील दे जो NORI वीजा पर पाकिस्तान गए हैं।

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