क्या है Indian Army की गाड़ियों के नंबर प्लेट के आगे लगे तीर के निशान का मतलब?

इंडियन आर्मी दुनिया की सबसे बेहतरीन सेनाओं में से एक मानी जाती है. इसके सैनिकों की जांबाजी के किस्से दुनियाभर में मशहूर हैं. भारतीय सेना के जवान युद्ध के मैदान में दुश्मनों पर काल बनकर टूटते हैं. हमारी सेना के वीर जवान भारत माता के मस्तक को कभी झुकने नहीं देते. लेकिन क्या आपको पता है कि भारतीय सेना के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो हमें पता नहीं है. आज हम ऐसी ही एक खास बात आपको बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे. आइए जानते हैं कि क्या है हमारी सेना से जुड़ी वो खास बात.

भारतीय सेना की गाड़ियों के लिए है अलग कानून
आज हम आपको भारतीय सेना की गाड़ियों से जुड़ी खास बात बताने जा रहे हैं. आपको शायद पता न हो कि देश में गाड़ियों के लिए बने कानून सेना की गाड़ियों पर लागू नहीं होते. सेना की गाड़ियों के लिए रक्षा मंत्रालय ने अलग कानून बनाए हैं. साथ ही इन गाड़ियों का पूरा ब्यौरा भी रक्षा मंत्रालय के पास ही होता है.

ऐसे लिखा जाता है सेना की गाड़ियों का नंबर
आपने देखा होगा कि भारतीय सेना की गाड़ियों के नंबर प्लेट पर आगे एक तीर का निशान बना हुआ होता है. उसके बाद बाकी के नंबर लिखे होते हैं. यह तीर ऊपर की तरफ बना होता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह तीर का निशान सबसे पहले या फिर तीसरे नंबर पर हो सकता है. इसके बाद सेना को जिस साल में वह गाड़ी मिली उस साल के आखिरी दो अंक लिखे होते हैं. इसके बाद बेस का कोड लिखा होता है और फिर सीरियल नंबर दिया होता है.

नंबर प्लेट पर ऐरो लगाने का है ये खास मतलब
सेना की गाड़ियों के नंबर प्लेट पर लगे तीर के निशान को ब्रॉड ऐरो कहते हैं. नंबर प्लेट्स पर इस तरह के तीर के निशान का प्रयोग ब्रिटिश कॉमनवेल्थ में अब भी होता है. इस तीर के निशान को नंबर प्लेट पर इसलिए लगाया जाता है ताकि यदि किसी दुर्घटना में गाड़ी पलट जाए तो इसका नंबर आसानी से पढ़ा जा सके.

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